यहां दिन-दिहाड़े घूम रहे तेंदुए, लोगों में दहशत

यहां दिन-दिहाड़े घूम रहे तेंदुए, लोगों में दहशत

बिझड़ी : घंघोट व जटोली में दिन-दिहाड़े तेंदुए के विचरने से ग्रामीणों में भय का वातावरण व्याप्त है। तेंदुए के दिन-दिहाड़े गांव में गुर्राने के चलते उपमंडल बड़सर की घंघोट पंचायत के बाशिंदे दहशत में जी रहे हैं। पंचायत के बड़ू, गुतियाना, बतियाना व टकेनी गांवों में तेंदुए का भय व्याप्त है। शाम ढलते ही लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में तेंदुए की मौजूदगी के चलते वे अपने बच्चों व मवेशियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। लोगों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों को समस्या के बारे में लगभग 15 दिन पहले ही बताया जा चुका है लेकिन अभी तक विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि शायद विभाग किसी बड़े हादसे के घटित होने का इंतजार कर रहा है। 

तेंदुए की दहशत से स्थानीय गांववासी सहमे
लोगों में देवदत्त, राकेश, गल्लू, रजनीश, सन्नी व दिनेश कुमार आदि का कहना है कि अगर विभाग गांव के नजदीक तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा देता है तो समस्या से छुटकारा मिल सकता है। इस संदर्भ में पंचायत समिति सदस्य सुभाष चंद का कहना है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें समस्या के बारे में बताया है। उन्होंने वन विभाग से इस स्थान पर पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। जटोली में तेंदुए की दहशत से स्थानीय गांववासी सहमे हुए हैं। लोगों अरुण कुमार, सुभाष चंद, संजय, अश्विनी, अंकुश, सुमना व विमला आदि का कहना है कि गांव में मादा तेंदुआ दिन-दिहाड़े घूम रही है।


लोगों ने विभाग से तेंदुए को पकड़ने की गुहार लगाई 
इन लोगों का कहना है कि करीब 15 दिन से मादा तेंदुए की गुर्राहट से स्थानीय गांववासियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों का डर के मारे बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस समय तक यह मादा तेंदुआ 2-3 के करीब आवारा कुत्तों को अपना शिकार बना चुकी है। हेमंत का कहना है कि  सुबह जब वह अपने खेतों में गया तो वहां पर मादा तेंदुए के बच्चों को पाया। समस्त गांववासियों ने संबंधित विभाग से इस मादा तेंदुए और उसके बच्चों को पकड़ने की गुहार लगाई है। 



अपना सही जीवनसंगी चुनिए | केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन